भूख!!!!!! – Shailendra Kumar Mishra

Water in summer (1)

तावे सी तपतीजेठ की दुपहरी मेंघर के लान मेंबिखेरे गए दानों कोखाने आते रोज रोजछोटी-छोटी चिड़ियांकई सारे कबूतर!कुछ एकाध कौवे!! चिलचिलाती दोपहरीखिड़की से झांक करमुंह …

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राष्ट्र भाषा-स्वप्न दृष्टा “सुधाकर”!

प्रधानमंत्री सुधाकर पाण्डेय poem quote by shailendra kumar mishra

………….. श्रद्धांजलि’………… राष्ट्र भाषा-स्वप्न दृष्टा”सुधाकर”! ———————————— ‘पंडित’जी को हम सब करते प्रणाम; युग-युग!जग में रहे उनका नाम!! ‘सभा’ ‘औ ‘काशी ! विश्व में गूंजे; सुधा-सम …

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