महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र (अयि गिरिनन्दिनि) – Mahisasurmardini Stotram (Aigiri Nandini) in Hindi

महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र इन हिंदी अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुतेगिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते।भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिकृतेजय जय हे महिषासुरमर्दिनि.. ॥ सुरवर वर्षिणि दुर्धर धर्षिणि दुर्मुख मर्षिणि हर्षरतेत्रिभुवनपोषिणि शङ्करतोषिणि किल्बिष मोषिणि घोषरते।दनुजनिरोषिणि दितिसुतरोषिणि दुर्मदशोषिणि सिन्धुसुतेजय जय हे महिषासुरमर्दिनि… ॥ अयि जगदम्ब मदम्ब कदम्ब वनप्रिय वासिनि हासरतेशिखरि शिरोमणि तुङ्गहिमालय शृङ्गनिजालय मध्यगते।मधुमधुरे मधुकैटभ…

आपकी पर्सनल बैंकिंग में चेक का क्या महत्व है?

क्या आप अभी तक बैंकिंग में चेक के महत्व को नहीं जानते हैं और यदि जानते हैं तो क्या उनका सही तरह से उपयोग करते हैं? यह एक महत्वपूर्ण सवाल है जो कि सभी को पता होना चाहिए. ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसान भाई, मजदूर एवं बिना पढ़े लिखे लोग…
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